Independence Day Status

आओ झुक कर सलाम करें उनको जिनके हिस्से में यह मुकाम आता है खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है।


जिसका ताज हिमालय है, जहां बहती गंगा है, जहां अनेकता में एकता है ‘सत्यमेव जयते’ जहां नारा है, वो भारत वतन हमारा है।


दे सलामी इस तिरंगे को, जिससे तेरी शान है, सिर हमेशा ऊंचा रखना इसका जब तक दिल में जान है।


जिस देश में पैदा हुए हो तुम, उसे देश के अगर तुम भक्त नहीं, नहीं पिया दूध मां का तुमने और बाप का तुम में रक्त नहीं।


सिर झुका के उन शहीदों को है मेरा नमन, जिनके लिए खुद जान से ज्यादा था प्यारा उनका वतन।


आज है 15 अगस्त का दिन जोश भरा है हर जगह, 15 अगस्त को आजाद हुआ था मेरा दश यही है आज की खुशियों की वजह।


मुझे चिंता नहीं है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की, तिरंगा हो कफन मेरा, बस यही अरमान रखता हूं। जय हिन्द।


तिरंगा हमारा है शान-ए-जिंदगी, वतन परस्ती है वफ-ए-जिंदगी देश के लिए मर मिटना कबूल है हमें अखंड भारत के स्वप्न का जुनून है हमें।


ना सरकार मेरी है, ना रौब मेरा है ना बड़ा सा नाम मेरा है मुझे तो एक छोटी सी बात का गर्व है, मैं हिंदुस्तान का हूं और हिंदुस्तान मेरा है।


गूंज रहा है दुनिया में हिंदुस्तान का नारा, चमक रहा है आसमान में तिरंगा हमारा।


इतनी सी बात हवाओ को बताके रखना, रौशनी होगी चिराग को जलाए रखना, खून देकर तिरंगे की हिफाजत की है हमने, इस तिरंगे को हमेशा दिल में बचाए रखना।


खून नहीं हमारे शरीर में बल्कि जोश की नदियां बहती है, कायर होती है वो जमीन जहां पर कमजोर मानव सभ्यता रहती है।


आन देश की शान देश की, देश की हम संतान है, तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है।


इस देश के गौरव के खातिर, चल कुछ ऐसा काम करे, दुनिया देखे इसकी शान, और दुनिया वाले सलाम करे।


सीने में वो जोश भरा है जिसके सामने आराम हराम है, आ जाए देश के सामने कोई मुसीबत तो देशहित के लिए जान कुर्बान है।


सच्ची है देश भक्ति और में वतन पर ईमान रखता हूं, तिरंगे की शान के खातिर हथेली पे जान रखता हूं।


देश से है प्यार तो हर पल यह कहना चाहिए मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए।


चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जशन में है, इंकलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में है, मौत जहां जन्नत हो ये बात मेरे वतन में है, कुर्बानी का जज्बा जिंदा मेरे कफन में है।


वतन पर जो फिदा होगा अमर वो नौजवान होगा, रहेगी जब तलक दुनिया ये अफसाना बयान होगा।


जो हंसते हंसते देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देता है, वो कोई ओर नहीं देश का जवान होता है।


फांसी चढ़ गए और सीने पर गोली खाई हम उन शहीदों को प्रणाम करते है जो मीट गए देश पर हम उनको सलाम करते है।


कांटो में भी फूल खिलाएं इस धरती को स्वर्ग बनाएं, आओ सब गले लगाएं, हम स्वंत्रता का पर्व मनाएं।


लहू देकर जिसकी हिफाजत वीरों ने की, उस तिरंगे को सदा दिल में बसाए रखना।


सच्ची है देश भक्ति और मैं वतन पर ईमान रखता हूं, तिरंगे की शान की खातिर हथेली पे जान रखता हूं।


विजय विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा।


ना जियो धर्म के नाम पर ना मारो धर्म के नाम पर इंसानियत ही है धर्म वतन का बस जियो वतन के नाम।


कभी भी आजादी की शाम ना हो देश के वीरों की कुर्बानी कभी भी बदनाम न हो जय हिन्द की सेना, जय हो भारतवर्ष।


कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान का है, हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा नशा ये हिंदुस्तान की शान का है।


वतन की लाज रखनी है, तिरंगे को बचाना है। वतन पर मर मिटने का, यहां जज्बा पुराना है। वतन के लिए हो कुर्बान वही सच्ची जवानी है। वतन से बेवफा जो होगा उसका खून पानी है।


कांटो में भी फूल खिलाएं इस धरती को स्वर्ग बनाएं, आओ सब को गले लगाएं, हम स्वतंत्रा का पर्व मनाएं।


ना पूछो जमाने से क्या हमारी कहानी है, हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम हिंदुस्तानी है।


सुंदर है जग में सबसे, नाम भी न्यारा है, जहां जाति भाषा से बढ़कर, देश प्रेम की धारा है। पावन धरा वाला प्यारा वो भारत देश हमारा है।


देश भक्तों के बलिदान से स्वतंत्र हुए है हम, कोई पूछे कौन हो तो गर्व से कहेंगे भारतीय है हम।


चलो फिर से वो नजारा याद कर ले शहीदों के दिल में थी जो ज्वाला वो याद कर लें जिसमें बहकर आजादी पहुंची थी किनारे पर बलिदानियों के खून की वो धारा याद कर ले।


जहां इंसानियत का पहला दर्जा दिया जाता है वही मेरा देश हिंदुस्तान है।


भारत माता तेरी गाथा, सबसे ऊंची तेरी शान, तेरे आगे शीश झुकाएं, दे तुझको सब सम्मान भारत माता की जय।


लहराएगा तिरंगा अब सारे आसमां पर भारत का नाम होगा सब की जुबान पर ले लेंगे उसकी जान या दे देंगे अपनी जान कोई जो उठाएगा आंख हमारे हिंदुस्तान पर।


गंगा यमुना यहां नर्मदा, मंदिर मस्जिद के संग गिरजा, शांति प्रेम की देता शिक्षा, मेरा भारत सदा सर्वदा।


मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक, मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पथ पर जावे वीर अनेक।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top